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व्यवस्थित रहें


संसार का हर व्यक्ति यही चाहता है उसका जीवन पूरी तरह से व्यवस्थित रहे। उनके सारे कार्य व्यस्थित तरीके से सम्पन्न हो जाए। कोई अंट-संट कोई झोल-झाल नहीं सब कुछ सिस्टमेटिक तरीके से हो। अगर हम ऐसी कामना करते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। ऐसा होना भी चाहिए। आखिर हर किसी को समान उन्नति करने का अधिकार है। ऐसा कर पाना हर किसी के वश की बात है। इसके लिए प्रतिदिन हमें इस दिशा में थोड़ा-थोड़ा प्रयास करने की जरूरत है।
आईए बताते हैं कि आप यह प्रयास कैसे कर सकते हैं और अपने जीवन को व्यवस्थित तरीके से कैसे जी सकते हैं –
आस-पास के परिवेश को व्यवस्थित करें – यह मानी हुई बात है कि आस-पास के परिवेश का हमारे दिमाग पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह बात सौ फीसदी सही है। इसे झुठलाया नहीं जा सकता। अगर आप अपने जीवन को व्यवस्थित करने की ओर कदम बढ़ाना चाहते हैं तो पहला कदम अपने आस-पास के परिवेश को व्यवस्थित करने की ओर बढ़ाएँ। कार्य वहीं से आरंभ कर दें अभी आप जहां बैठे या खड़े हैं। आस-पास नजर दौड़ाईए, उन चीजों को देखिए जो अगल-बगल में बेतरतीब पड़ी हुई है। उन्हें उठाईए और उनके उचित स्थानों में रखा दीजिए। बस पाँच मिनट का ही तो आपको अपने रूटीन कामों से ब्रेक लेना है। इससे आपको अपने कामों की एकरसता से मुक्ति मिलेगी और साथ ही, एक उद्देश्यमयी ब्रेक भी हो जाएगा।  
हर दिन सिर्फ 15 मिनट चोरी करें – 15 मिनट की चोरी वाली बात जरा अटपटा लग सकती है, किन्तु यह बड़े काम की चीज है। चोरी के लिए सेंध आपको अपने 24 घंटे के कोषागार में ही लगानी है। इसीलिए यह चोरी रिस्कफ्री है। मैं भी अक्सर यह चोरी करता हूँ। वह भी रात में सोने से पहले। घर में, अपने कमरे में अक्सर कई चीजें फिजूल की पड़ी हुई आपको मिल जाएगी जो किसी न किसी रूप में आपकी एकाग्रता को बाधित करती है। रात को बिस्तर पर जाने से पहले बस 15 मिनट का समय किसी तरह चुराईए और उन तमाम चीजों को निपटा दीजिए जो आपके कमरे में फिजूल की पड़ी हुई है। एक दिन में ही उन सारी चीजों को हटाने का प्रयास ना करें। बस घड़ी देख के 15 मिनट का ही समय दें। बाकी चीजों को अगले दिन के लिए छोड दीजिए। धीरे-धीरे यह आपकी आदत में सुमार हो जाएगी। 

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